July 5, 2017 7:58 am
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woh

‘ वो ‘ दिल को समझा अपने, यू ना किसी पे आया करे, ये चीज किमती है, इसे बदले मे दिया करते है | तू उन्हे अपनी राह का एक मुसाफिर समझ, मुसाफिर कम ही मन्जिल तक साथ दिया