woh

वो

 

दिल को समझा अपने, यू ना किसी पे आया करे,

ये चीज किमती है, इसे बदले मे दिया करते है |

 

तू उन्हे अपनी राह का एक मुसाफिर समझ,

मुसाफिर कम ही मन्जिल तक साथ दिया करते है |

 

तू ना अपने दिल को यू उदास कर,

उनके लिए जो बोली बाजार मे, दिया करते है |

 

गिला उनसे होता है, वो जो अपना हो,

फिक्र उनकी क्या, अपने मे ही जो, जिया करते है |

 

गम की दवा था, उनकी नजर का झुकना ,

नजरे छुपा कर, जो अब, जिया करते है |

 

दिल्ल्गी सा लगता है, उन्हे ये आलम,

तन्हाई मे जाम, अब हम, पिया करते है |

 

टुटा आईना मेरा, चूर चूर होकर,

टुकडो को जोड़ने की, कोशिश हम, किया करते है |

 

दिल को समझा अपने, यू ना किसी पे आया करे

ये चीज किमती है, इसे बदले मे दिया करते है |

 

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